पटना। बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। इस संबंध में बिहार लोक भवन की ओर से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति राज्य के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की वर्तमान व्यवस्था और इससे संबंधित प्रचलित नियमों की समीक्षा करेगी। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया में आवश्यक सुधारों को लेकर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। इस प्रक्रिया में आम नागरिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

राज्यपाल सचिवालय, बिहार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उच्चस्तरीय समिति का उद्देश्य सहायक प्राध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं का व्यापक अध्ययन करना और व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव प्राप्त करना है। समिति वर्तमान नियुक्ति प्रणाली तथा उससे संबंधित अधिसूचित नियमों की समीक्षा करते हुए आवश्यक बदलावों पर विचार करेगी।

चयन प्रक्रिया से लेकर आयु सीमा तक पर मांगे सुझाव

समिति ने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आम नागरिकों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए हैं। इनमें चयन प्रक्रिया, आयु सीमा, शैक्षणिक मूल्यांकन और नियुक्ति से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नियुक्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए भी सुझाव दिए जा सकते हैं।इस परामर्श प्रक्रिया में राज्य के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी, शैक्षणिक विशेषज्ञ, विभिन्न संगठन और आम नागरिक अपनी राय रख सकते हैं। खासतौर पर उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नियुक्ति प्रक्रिया का सीधा प्रभाव विश्वविद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता और शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ता है।

केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार होंगे सुझाव

बिहार लोक भवन की ओर से इच्छुक व्यक्तियों के लिए सुझाव एवं अभिमत प्रस्तुत करने हेतु ऑनलाइन लिंक जारी किया गया है। इसके माध्यम से संबंधित व्यक्ति अपनी राय और सुझाव समिति तक पहुंचा सकते हैं।

सुझाव देने के लिए आधिकारिक लिंक https://nicapps.bihar.gov.in/rbfeedback/ उपलब्ध कराया गया है। प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि सुझाव केवल इसी आधिकारिक ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित तिथि के बाद अन्य माध्यमों से प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। प्राप्त सुझावों को समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।

16 नवंबर 2026 है अंतिम तिथि

राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सुझाव एवं अभिमत भेजने की अंतिम तिथि 16 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और अन्य हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी राय ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराएं।इस संबंध में विस्तृत जानकारी बिहार सरकार की आधिकारिक जनसंपर्क वेबसाइट http://www.state.bihar.gov.in/prdbihar पर भी देखी जा सकती है।उच्चस्तरीय समिति की यह पहल बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति व्यवस्था की समीक्षा और उसमें सुधार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि शिक्षाविदों, अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समिति किन बदलावों की अनुशंसा करती है।

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