इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एजुकेशन एंड एलाइड साइंसेज ने दिसंबर 2026 अंक के लिए शिक्षा और सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न विषयों पर शोध पत्र आमंत्रित किए हैं। इच्छुक शोधार्थी, शिक्षक और विद्यार्थी 30 नवंबर तक अपना पेपर भेज सकते हैं। लुधियाना। उच्च शिक्षा, शोध और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्र प्रकाशित करवाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एजुकेशन एंड एलाइड साइंसेज (IJEAS) ने दिसंबर 2026 अंक के लिए शोध पत्र आमंत्रित किए हैं। जर्नल की ओर से जारी कॉल फॉर पेपर्स के अनुसार, इस अंक का प्रकाशन दिसंबर 2026 में किया जाएगा। यह इसका वॉल्यूम 18 और अंक संख्या 4 होगा। इच्छुक उम्मीदवार 30 नवंबर 2026 तक अपने मौलिक शोध पत्र जमा कर सकते हैं। जर्नल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यह एक ICSSR प्रायोजित जर्नल है। इसमें शिक्षा, सामाजिक विज्ञान और उनसे संबंधित विभिन्न विषयों पर मौलिक एवं अप्रकाशित शोध पत्र आमंत्रित किए गए हैं। शोध पत्रों में वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और नीतिगत चुनौतियों पर गंभीर विश्लेषण, नए विचार और शोध आधारित निष्कर्ष होने चाहिए। जर्नल का उद्देश्य विभिन्न अकादमिक क्षेत्रों के विद्वानों को अपने शोध और विचार साझा करने के लिए मंच उपलब्ध करवाना है। इन विषयों पर भेज सकते हैं शोध पत्र जर्नल की ओर से शोध पत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण उप-विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें शैक्षणिक बदलाव, शिक्षा नीति, संस्थागत परिवर्तन, मानव विकास, सामाजिक नीति, शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम विकास और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में शिक्षा की भूमिका शामिल है। इसके अलावा सार्वजनिक नीति एवं संस्थागत सुधार, शिक्षा नीति में नवाचार, तकनीक एवं डिजिटल विकास, सामाजिक न्याय, सतत विकास, आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन, आर्थिक असमानता, व्यापार एवं वैश्वीकरण के प्रभाव, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य एवं कल्याण तथा सहभागी शासन और सामुदायिक विकास जैसे विषयों पर भी शोध पत्र भेजे जा सकते हैं। कितने शब्दों का होना चाहिए रिसर्च पेपर? जर्नल ने अलग-अलग श्रेणियों के लिए शब्द सीमा भी निर्धारित की है। सामान्य रिसर्च आर्टिकल 4,000 से 6,000 शब्दों का होना चाहिए, जबकि विशेष शोध लेखों के लिए 6,000 से 8,000 शब्द निर्धारित किए गए हैं। बुक रिव्यू 1,500 से 2,000 शब्दों के बीच होना चाहिए। शोध पत्र के साथ अधिकतम 250 शब्दों का सारांश (Abstract) देना अनिवार्य है। इसके अलावा प्रत्येक शोध पत्र में 4 से 5 कीवर्ड शामिल करने होंगे। सभी संदर्भों और उद्धरणों के लिए APA के सातवें संस्करण (APA 7th Edition) के फॉर्मेट का पालन करना होगा। प्लेजरिज्म को लेकर सख्त नियम जर्नल की सबमिशन गाइडलाइंस के अनुसार, शोध पत्र में प्लेजरिज्म 10 प्रतिशत से कम होना चाहिए। इसके साथ प्लेजरिज्म रिपोर्ट संलग्न करना भी जरूरी है। शोध पत्र Microsoft Word (.doc या .docx) और PDF (.pdf) दोनों फॉर्मेट में जमा करना होगा। फाइल का नाम भी निर्धारित प्रारूप के अनुसार रखना होगा, जिसमें शोध पत्र का शीर्षक और लेखक का नाम शामिल हो। इस ईमेल पर भेजें अपना रिसर्च पेपर इच्छुक शोधार्थी, शिक्षक, विद्यार्थी और संबंधित विषयों में कार्यरत शोधकर्ता अपना पूरा शोध पत्र ijeas.submission@gmail.com पर भेज सकते हैं। ईमेल का सब्जेक्ट ‘Article Submission’ रखना अनिवार्य है। शोध पत्र जमा करवाने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। जर्नल की संपादकीय समिति को प्राप्त शोध पत्रों को उपयुक्त सेक्शन में आवंटित करने का अधिकार रहेगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार जर्नल की आधिकारिक वेबसाइट www.ijeas.co.in पर जा सकते हैं। पोस्टर में दिए गए संपर्क नंबर +91 9746575542 (WhatsApp) पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। शोध और अकादमिक लेखन में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह अपने काम को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच तक पहुंचाने का एक अवसर हो सकता है। हालांकि, शोध पत्र भेजने से पहले जर्नल की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी दिशा-निर्देशों और प्रकाशन संबंधी विवरणों की पुष्टि अवश्य करें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related Post navigation हरियाणा दिवस पर सीबीएलयू में लोक संस्कृति की छटा, कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां सरकारी यूनिवर्सिटी में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर! जानिए किस विषय में कितने पद, कितनी मिलेगी सैलरी और क्या है आवेदन की पूरी प्रक्रिया।