बेंगलुरु। क्रिस्टु जयंती (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), बेंगलुरु के स्कूल ऑफ कॉमर्स, अकाउंटिंग एंड फाइनेंस के वाणिज्य विभाग की ओर से इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल द हेग, नीदरलैंड्स के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (International Faculty Development Programme) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘Global Innovation and Entrepreneurship: Building Future-Ready Start-up Ecosystems’ रखा गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर नवाचार, उद्यमिता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर शैक्षणिक संवाद को बढ़ावा देना है।इस कार्यक्रम के तहत 3 नवंबर 2026 को ‘कीनोट सेशन-2’ आयोजित किया गया। इस सत्र का विषय ‘Design Thinking, Creativity and Opportunity Identification’ अर्थात डिजाइन थिंकिंग, रचनात्मकता और अवसरों की पहचान रखा गया। कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम (जूम) से दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक निर्धारित किया गया था।

एक कार्यक्रम का पोस्टर जिसमें 'क्रिस्टु जयंती विश्वविद्यालय' का नाम, एक अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी विकास कार्यक्रम और उसके विषय के बारे में जानकारी है। कार्यक्रम की तारीखें 10-12 फरवरी 2027 और एक दूसरे सत्र की जानकारी शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ने साझा किए विचार

इस विशेष सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में सुश्री हीरा अजीम को आमंत्रित किया गया। वे CTDP, FHEA से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय बिजनेस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंसल्टेंट हैं। इसके साथ ही वे हायर एजुकेशन लीडर और प्रोफेशनल प्रैक्टिस सुपरवाइजर के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। उनका संबंध कोवेंट्री यूनिवर्सिटी और बाथ स्पा यूनिवर्सिटी से रहा है।

सत्र का केंद्र डिजाइन थिंकिंग के माध्यम से समस्याओं को समझने, रचनात्मक सोच विकसित करने और नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर रहा। वर्तमान समय में स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में नए विचारों को व्यावहारिक व्यवसाय में बदलने के लिए इन क्षमताओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा नया दृष्टिकोण

कार्यक्रम की व्यापक विषयवस्तु भविष्य के लिए तैयार स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण पर केंद्रित है। इसमें वैश्विक बाजार की बदलती आवश्यकताओं, तकनीकी विकास, नवाचार और उद्यमशीलता की भूमिका को समझने पर जोर दिया गया है।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल नया व्यावसायिक विचार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की जरूरतों को समझना, उपभोक्ताओं की समस्याओं की पहचान करना और उनके लिए रचनात्मक समाधान विकसित करना भी जरूरी है। डिजाइन थिंकिंग इसी प्रक्रिया को व्यवस्थित दृष्टिकोण प्रदान करती है।

शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण पहल

अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों, अकादमिक विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर विकसित हो रहे नए शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोणों से परिचित कराना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा में नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी ज्ञान को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलता है।

क्रिस्टु जयंती विश्वविद्यालय और इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल द हेग के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे वाणिज्य एवं प्रबंधन शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और विद्यार्थियों को वैश्विक उद्यमिता की बदलती प्रवृत्तियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रातिक्रिया दे

महत्वपूर्ण अपडेट