पटना: बिहार के सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने और शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। राज्य के सभी जिलों में विद्यालयों के विकास एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया गया है। इस अभियान के माध्यम से सरकारी स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के साथ-साथ भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन और अन्य आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएंगे। इस संबंध में बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पाण्डेय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि विद्यालयों की आधारभूत संरचना के विकास एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत पूर्व से ही परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत से संबंधित कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे-छोटे मरम्मत कार्यों पर रहेगा विशेष जोर शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार, विद्यालय स्तर पर तत्काल कराए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत स्कूलों में छोटी-मोटी आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन, ब्लैकबोर्ड की मरम्मत, दरवाजे और खिड़कियों की मरम्मत तथा फर्श की मरम्मत जैसे कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। विशेष रूप से शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव, पानी की टंकी, सैनिटरी सुविधाओं तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को स्कूलों में स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्यों की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को जिम्मेदारी जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के संबंधित विद्यालयों में अभियान के तहत निर्धारित कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य कराए जाने चाहिए, ताकि आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।इस क्रम में विभाग ने सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) और सभी पीएम श्री विद्यालयों को विशेष रूप से अलग रखा है। पत्र के अनुसार, इन विद्यालयों में हाल ही में रंग-रोगन एवं अन्य सुधारात्मक कार्य कराए जा चुके हैं। इसलिए इन विद्यालयों को छोड़कर शेष सभी संबंधित विद्यालयों में आवश्यकतानुसार कायाकल्प अभियान के तहत कार्य कराना सुनिश्चित किया जाए। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल शिक्षा विभाग की इस पहल से राज्य के उन सरकारी विद्यालयों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां भवनों, कक्षाओं, शौचालयों, दरवाजों, खिड़कियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। छोटे-छोटे मरम्मत कार्य पूरे होने से विद्यालयों का वातावरण बेहतर होगा और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सुविधाजनक माहौल मिल सकेगा।सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल स्कूलों का रंग-रोगन कराना नहीं, बल्कि विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत संसाधनों का बेहतर रखरखाव और उनका सुदृढ़ीकरण करना है। अब जिला शिक्षा पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे विभागीय निर्देशों के अनुरूप अभियान को धरातल पर उतारें और संबंधित विद्यालयों में जरूरी सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित कराएं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 23 नवंबर से होगी सेंट-अप परीक्षा, इन विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा एडमिट कार्ड बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2027: सेंट-अप परीक्षा का कार्यक्रम जारी