दिल्ली। देश में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने और युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (Anusandhan National Research Foundation-ANRF) ने प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट (Prime Minister Early Career Research Grant) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं को अपने अनुसंधान कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अधिकतम 60 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त परियोजना से संबंधित ओवरहेड खर्च भी उपलब्ध कराया जाएगा।

ANRF की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यह पहल देश के युवा शोधकर्ताओं को आर्थिक सहयोग देकर नए विचारों, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना के माध्यम से उभरते हुए वैज्ञानिकों को स्वतंत्र रूप से शोध परियोजनाओं पर काम करने और राष्ट्रीय अनुसंधान एवं नवाचार व्यवस्था को मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री प्रारंभिक करियर अनुसंधान ग्रांट के लिए प्रस्ताव आमंत्रित, ₹60 लाख तक का अनुदान, 3 वर्ष की अवधि, आवेदनों की समय सीमा: 2 नवंबर 2026 से 2 दिसंबर 2026।

तीन वर्षों तक मिलेगा शोध के लिए अनुदान

प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट के तहत चयनित शोधकर्ताओं को तीन वर्षों की अवधि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस दौरान शोधकर्ता अपनी परियोजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन, उपकरण और अन्य अकादमिक गतिविधियों पर निर्धारित नियमों के अनुसार राशि खर्च कर सकेंगे।

योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें आवर्ती खर्च (Recurring Expenditure) और परियोजना के लिए आवश्यक मानव संसाधन की नियुक्ति में लचीलापन दिया गया है। इससे शोधकर्ताओं को अपनी परियोजना की जरूरतों के अनुसार कार्य करने में मदद मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा और पेटेंट के लिए भी सहायता

इस अनुदान योजना में केवल शोध कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अनुसंधान से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए भी सहयोग का प्रावधान किया गया है। परियोजना से संबंधित गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति होगी। इसके अलावा ओपन एक्सेस प्रकाशन (Open Access Publications) और पेटेंट फाइलिंग शुल्क के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे युवा वैज्ञानिकों को अपने शोध निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित कराने और नए आविष्कारों को पेटेंट के माध्यम से सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

युवा शोधकर्ताओं को मिलेगा प्रोत्साहन

ANRF की यह पहल ऐसे शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो अपने अकादमिक करियर के शुरुआती चरण में हैं और स्वतंत्र अनुसंधान परियोजनाओं को विकसित करना चाहते हैं। पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने से उन्हें नई तकनीकों, वैज्ञानिक समस्याओं और समाजोपयोगी शोध विषयों पर काम करने का अवसर मिलेगा।

इस योजना का व्यापक उद्देश्य भारत के अनुसंधान एवं विकास तंत्र को मजबूत करना और देश में वैज्ञानिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।

2 नवंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू, 2 दिसंबर अंतिम तिथि

जारी पोस्टर के अनुसार, प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 2 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन और विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए ANRF की आधिकारिक वेबसाइट http://www.anrfonline.in पर विजिट किया जा सकता है। पोस्टर में दिए गए QR कोड के माध्यम से भी योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

युवा वैज्ञानिकों और शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं के लिए यह योजना अपने शोध विचारों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का महत्वपूर्ण अवसर है। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और अनुदान संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देशों को आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य जांच लें।

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