जींद, 2 नवंबर, 2026: आज संत शिरोमणि श्री सेन भगत राजकीय महाविद्यालय जींद के युवा भूगोल क्लब द्वारा विश्व सतत पोषणीय दिवस के अवसर पर ‘सतत पोषणीय विकास: हमारा सांझा भविष्य और हमारी जिम्मेदारी’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

एक कक्षा में एक शिक्षक छात्रों को पाठ पढ़ाते हुए, जबकि विद्यार्थी ध्यान से सुन रहे हैं।

कार्यक्रम में छोटू राम किसान महाविद्यालय, जींद के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप बूरा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।प्राचार्य सत्यवान मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना हमें विकास की ऊँचाइयों को छूना होगा।

मुख्य वक्ता डॉ. संदीप बूरा ने अपने प्रेरणादायक व्याख्यान में भारतीय ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को सतत विकास के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, मौर्य काल में चाणक्य के सिद्धांत, चोल साम्राज्य की जल प्रबंधन प्रणाली, बिश्नोई समाज के बलिदान तथा सुंदरलाल बहुगुणा और चिपको आंदोलन जैसे उदाहरणों से सतत पोषणीय विकास की अवधारणा को स्पष्ट किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगोल विभागाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह ने की। इस अवसर पर भूगोल विभाग के सभी प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ ली।

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