बिहारशरीफ (नालंदा):बिहार में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा क्लास के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नालंदा जिला के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने एक नया आदेश जारी कर जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के निजी मोबाइल उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, स्थापना शाखा द्वारा जारी ज्ञापांक- 6799, दिनांक- 02/11/2026 के अनुसार यह आदेश जिले के सभी प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और सभी कोटि के शिक्षकों पर लागू होगा। इसमें सभी उच्च माध्यमिक, मध्य, उत्क्रमित मध्य, प्राथमिक और नवसृजित विद्यालय शामिल हैं। क्या है पूरा मामला? कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी आदेश ज्ञापांक- 6738 दिनांक- 28.10.2026 को संशोधित करते हुए यह नया निर्देश जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि अधोहस्ताक्षरी के विद्यालय निरीक्षण और अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आलोक में यह बात सामने आई है कि विद्यालय संचालन अवधि में शिक्षकों द्वारा अपनी निजी इच्छानुसार मोबाइल चलाया जाता है। इस दौरान शिक्षकों का बच्चों के पठन-पाठन और उनके शैक्षणिक विकास पर बिल्कुल ध्यान नहीं रहता है। शिक्षक मोबाइल में लिप्त रहते हैं, जबकि बच्चे यत्र-तत्र, अनियंत्रित और दिशाहीन होकर भटकते रहते हैं। इससे विद्यालय के शैक्षणिक माहौल में भारी गिरावट आ रही है और बच्चे उदंड एवं अनुशासनहीनता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है। शिक्षकों के लिए जारी 5 बड़े निर्देश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना, नालंदा ने सभी शिक्षकों के लिए 5 बिंदुओं में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:- 1. विद्यालय संचालन अवधि में कोई भी शिक्षक अपने मोबाइल का अपने निजी कार्य हेतु उपयोग नहीं करेंगे। 2. सभी शिक्षक अपने मोबाइल को प्रधानाध्यापक / प्रधान शिक्षक को जिम्मे सौंप देंगे। 3. आवश्यकता के अनुरूप प्रधानाध्यापक / प्रधान शिक्षक उन्हें मोबाइल उपलब्ध कराएँगे। 4. विद्यालय अवधि में कोई भी शिक्षक अपने संस्थान को बिना अनुमति के नहीं छोड़ेंगे। 5. विद्यालय में अगर कोई शिक्षक मोबाइल चलाते हुए पाए जाते हैं, तो इसके लिए प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी शिक्षक के द्वारा दिए गए निर्देश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो उन पर विभागीय प्रावधान के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसकी प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा को भी सादर सूचनार्थ प्रेषित की गई है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद सरकार द्वारा लगातार सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके कई जगहों से शिक्षकों द्वारा कर्तव्य में लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं। नालंदा जिले का यह आदेश पूरे बिहार में एक नजीर बन सकता है। अभिभावकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब शिक्षक ही क्लास में मोबाइल में व्यस्त रहेंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा। अब देखना होगा कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से पालन कराया जाता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन UPTET 2027: फरवरी के अंतिम सप्ताह में फिर होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा, आयोग ने शुरू की तैयारी KTS 5.0: देशभर के 1000 उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की भागीदारी, 15 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन का मौका