Call for Chapters 2026: मीडिया, पत्रकारिता, जनसंचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में शोध कर रहे विद्वानों, शोधकर्ताओं और पीएचडी स्कॉलर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध को प्रकाशित कराने का अवसर सामने आया है। ‘Voices Without Faces: Synthetic Communicators, Trust, and Accountability – Arab and Global Perspectives’ शीर्षक से प्रस्तावित एक संपादित पुस्तक (Edited Volume) के लिए शोध अध्याय आमंत्रित किए गए हैं। इस पुस्तक में AI आधारित पत्रकारों, वर्चुअल न्यूज एंकर, डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और कृत्रिम संचार माध्यमों की विश्वसनीयता, जवाबदेही तथा नैतिक पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को 15 दिसंबर 2026 तक 300 शब्दों का Abstract और 100 शब्दों का संक्षिप्त Bio भेजना होगा।

कागज़ों के ढेर की पृष्ठभूमि पर नारंगी रंग में "CALL FOR PAPERS" लिखा हुआ

Springer Nature के लिए तैयार हो रही है पुस्तक

यह संपादित पुस्तक Springer Nature के लिए प्रस्तावित की जा रही है। इसका उद्देश्य पत्रकारिता, प्रसारण और जनसंपर्क (Public Relations) के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते Synthetic Communicators के प्रभाव का अध्ययन करना है।

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पुस्तक के संपादकों में Alamira Samah Saleh (Cairo University और Sinai University, Egypt), Muhammad Jameel Yusha’u (Islamic Development Bank और Harvard University) तथा Nermeen Alazrak (Cairo University और Canadian International College, Egypt) शामिल हैं। पुस्तक की प्रस्तावित भूमिका (Foreword) Ernest Zenko द्वारा लिखी जाएगी, जो Centre for Responsible AI, University of Primorska से जुड़े हैं।## क्या है Synthetic Communicators का विषय?Synthetic Communicators ऐसे कृत्रिम या AI आधारित संचारकर्ता हैं, जो इंसानों की तरह समाचार प्रस्तुत करने, दर्शकों से संवाद करने और सार्वजनिक सूचनाएं साझा करने का काम करते हैं।उदाहरण के तौर पर AI न्यूज एंकर, वर्चुअल पत्रकार, AI इन्फ्लुएंसर और डिजिटल प्रवक्ता इसके प्रमुख रूप हैं।

इस विषय के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण सवालों पर शोध आमंत्रित किया गया है। जैसे AI के माध्यम से संवाद होने पर वक्ता की पहचान किसकी होगी? क्या दर्शकों को यह जानने का अधिकार है कि उनसे संवाद करने वाला व्यक्ति वास्तविक इंसान नहीं, बल्कि AI है? यदि AI आधारित पत्रकार या प्रवक्ता गलत सूचना देता है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?

किन विषयों पर भेज सकते हैं शोध प्रस्ताव?

पुस्तक के लिए कई विषयों पर शोध अध्याय आमंत्रित किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  1. Synthetic Communicators की अवधारणा: AI संचारकों की परिभाषा, प्रकार, इतिहास और संस्थागत उपयोग।
  2. नैतिकता और जवाबदेही: AI की पहचान का खुलासा, सहमति, आवाज और चेहरे के अधिकार तथा संपादकीय जिम्मेदारी।
  3. फेक न्यूज और डीपफेक: पत्रकारों, न्यूज एंकरों और प्रवक्ताओं की नकली डिजिटल पहचान।
  4. AI और पत्रकारिता: AI से तैयार समाचार, ऑटोमेटेड न्यूज और वर्चुअल पत्रकार।
  5. प्रसारण एवं ऑडियो: वर्चुअल एंकर, वॉयस क्लोनिंग और ऑटोमेटेड डबिंग।
  6. जनसंपर्क एवं विज्ञापन: वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स, AI प्रवक्ता और संकट संचार।
  7. दर्शकों का विश्वास: AI आधारित व्यक्तित्वों की विश्वसनीयता और दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव।
  8. पहचान और प्रतिनिधित्व: AI व्यक्तित्वों में लिंग, भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान का चित्रण।
  9. नियमन और भविष्य: AI से संबंधित नियम, मीडिया शिक्षा और संचार क्षेत्र में रोजगार का भविष्य।

विशेष रूप से AI आधारित वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स, विज्ञापन, AI प्रवक्ताओं, लैंगिक एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व और मीडिया नियमन पर शोध प्रस्तावों को प्रोत्साहित किया गया है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस अंतरराष्ट्रीय Call for Chapters में अरब देशों सहित दुनिया के अन्य देशों के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उन्नत स्तर के डॉक्टोरल अभ्यर्थी और मीडिया संस्थानों से जुड़े पेशेवर योगदान दे सकते हैं।पत्रकारिता, मीडिया स्टडीज, जनसंचार, पब्लिक रिलेशंस, AI और संबंधित अंतर्विषयक क्षेत्रों में काम करने वाले शोधकर्ताओं के प्रस्तावों का स्वागत किया गया है।

महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया

  • Abstract की शब्द सीमा: 300 शब्द।-
  • Bio की शब्द सीमा: 100 शब्द।
  • Abstract भेजने की अंतिम तिथि: 15 दिसंबर 2026।
  • चयन की सूचना: 10 जनवरी 2027।.
  • Full Chapter: 6,000 से 7,000 शब्द।
  • अध्याय जमा करने की अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2027।
  • समीक्षा प्रक्रिया: दो स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा Blind Peer Review।
  • शुल्क: किसी भी चरण में कोई शुल्क नहीं।
  • प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद चयनित लेखकों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा अध्याय जमा करना होगा। सभी अध्यायों की दो विशेषज्ञों द्वारा ब्लाइंड पीयर समीक्षा की जाएगी।

शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर

AI तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में नए सवाल सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह पुस्तक शोधकर्ताओं को AI आधारित संचार, मीडिया नैतिकता, डिजिटल पहचान और सार्वजनिक विश्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विमर्श में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है।

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