International Conference 2026: AI, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सतत परिवर्तन के दौर में वैश्विक वित्त एवं व्यवसाय की चुनौतियों पर जुटेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ, हाइब्रिड मोड में होगा आयोजन नई दिल्ली: नई दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (NDIM) की ओर से 7वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (7th International Conference on Global Financial and Business Environment) का आयोजन 18 और 19 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली स्थित NDIM परिसर में आयोजित होगा। सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें प्रतिभागियों को हाइब्रिड मोड के माध्यम से शामिल होने का अवसर मिलेगा। सम्मेलन का मुख्य विषय “Global Finance and Business in an Era of AI, Geopolitical Uncertainty and Sustainable Transformation” रखा गया है। इसके माध्यम से वैश्विक वित्तीय व्यवस्था, व्यावसायिक रणनीतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अकादमिक एवं व्यावसायिक विमर्श किया जाएगा। वैश्विक वित्त और व्यवसाय की बदलती चुनौतियों पर चर्चा सम्मेलन का उद्देश्य वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में हो रहे बदलावों को समझना और उनके व्यावसायिक प्रभावों पर विचार-विमर्श करना है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव AI, फिनटेक, डिजिटल एसेट्स, जलवायु परिवर्तन, ESG मानक और भू-राजनीतिक संघर्ष वैश्विक वित्तीय बाजारों एवं कारोबारी मॉडल को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक नीतियों, सप्लाई चेन में बदलाव, संरक्षणवाद, टैरिफ नीतियों, डॉलर पर निर्भरता में बदलाव और नए नियामकीय ढांचे जैसे विषय भी सम्मेलन के प्रमुख चर्चा केंद्र होंगे। इन विषयों पर शोध पत्र आमंत्रित सम्मेलन में विभिन्न विषयों से जुड़े शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के लिए कई महत्वपूर्ण विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं: 1. फाइनेंस, बैंकिंग और निवेश। 2. मानव संसाधन और भविष्य का कार्यक्षेत्र। 3. मार्केटिंग, उपभोक्ता व्यवहार और डिजिटल बिजनेस। 4. ESG, सतत विकास और क्लाइमेट फाइनेंस। 5. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन। 6. अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं अर्थशास्त्र। 7. भू-राजनीति और वैश्विक व्यवसाय। 8. कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बिजनेस एथिक्स। 9. सप्लाई चेन और ऑपरेशंस। 10. सामाजिक एवं विकास संबंधी मुद्दे। इन विषयों के माध्यम से शोधकर्ताओं को अपने नवीन शोध, विचारों और अकादमिक निष्कर्षों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। सम्मेलन में शामिल होने के प्रमुख लाभ आयोजकों के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर पर विचारों के आदान-प्रदान, विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ संवाद और शोध क्षमता को विकसित करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग, उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच सहयोग और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा को भी बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन का उद्देश्य शोध एवं व्यावहारिक ज्ञान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। शोध पत्र जमा करने के लिए QR कोड की सुविधा सम्मेलन के पोस्टर में शोध पत्र (Abstract/Full Manuscript) जमा करने के लिए QR कोड दिया गया है। इच्छुक प्रतिभागी इसके माध्यम से अपनी शोध सामग्री प्रस्तुत करने संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सम्मेलन से संबंधित जानकारी के लिए आयोजकों ने ईमेल और संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इच्छुक प्रतिभागी conferences@ndimdelhi.org, teena.singh@ndimdelhi.org और s.aghnihotri@ndimdelhi.org पर संपर्क कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वित्त, प्रबंधन, अर्थव्यवस्था, तकनीक और सतत विकास के क्षेत्र में काम कर रहे शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की नई समय-सारणी जारी, 9 नवंबर से शुरू होगी प्रक्रिया; दिसंबर में आएगी अंतिम सूची बिहार के विश्वविद्यालयों में होगी IT और अकाउंट ऑफिसर की तैनाती, शिक्षा विभाग जल्द देगा पद सृजन की मंजूरी