जींद, 31 अक्टूबर 2026। संत शिरोमणि श्री सैन भगत राजकीय महाविद्यालय, जींद में आयोजित सांझी उत्सव का समापन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध लोक कलाकार एवं पद्मश्री श्री महाबीर सिंह गुड्डू ने शिरकत की।कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य श्री सत्यवान मलिक की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में किया गया। उत्सव की संयोजक डॉ. ज्योति श्योराण रहीं।

A group of eight people standing together outdoors, smiling and holding framed awards, with various traditional and casual outfits, against a backdrop of greenery and a partially set event area.

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में हरियाणा की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोककलाओं और पारंपरिक विरासत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।इस अवसर पर जींद जिले के गांव ढिगाना निवासी सांझी कलाकार श्री गौतम सत्यराज की विशेष उपलब्धि भी चर्चा का केंद्र रही। उन्हें उनकी उत्कृष्ट सांझी कला के लिए इंडियन रिकॉर्ड की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।

प्रमाणपत्र के अनुसार उनकी कलाकृति को वर्ष 2026 की सर्वश्रेष्ठ कला तथा सबसे बड़ी सांझी कला के रूप में मान्यता दी गई है। यह उपलब्धि हरियाणा की लोककला और सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का विषय है।प्राचार्य श्री सत्यवान मलिक ने कहा कि सांझी उत्सव हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक कलाओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और संरक्षित करने का अवसर मिलता है।

उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने सांझी कला के माध्यम से अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक लोककला, रंगों और सजावट के माध्यम से हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांझी कला की 21 से 41 फुट तक की ऐतिहासिक यात्रा रही। इस आयोजन के माध्यम से हरियाणा की समृद्ध लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाओं को प्रदर्शित किया गया। सांझी कला भारतीय लोक संस्कृति की एक महत्वपूर्ण पहचान है, जो हमारी परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्ति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का संदेश देती है।

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. लाभ सिंह ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ज्योति श्योराण ने उत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले मुख्य अतिथि, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।अंत में सांझी उत्सव का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में अपनी परंपराओं और लोकसंस्कृति के प्रति सम्मान एवं जागरूकता का संदेश दिया।

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