3 से 16 दिसंबर 2026 तक होगा ऑनलाइन आयोजन पंजीकरण पूर्णतः निशुल्क केवल संकाय सदस्य (Faculty Members) कर सकेंगे आवेदन आधुनिक रिसर्च टूल्स जैसे SPSS, STATA और R-Studio की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग बिलासपुर।उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नैक (NAAC) द्वारा ‘A++’ ग्रेड प्राप्त प्रतिष्ठित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (बिलासपुर, छत्तीसगढ़), डेटा साइंस के बढ़ते महत्व को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय के ‘यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर’ (UGC-MMTTC) और ‘अर्थशास्त्र विभाग’ के संयुक्त तत्वावधान में “आर्थिक अनुसंधान में डेटा साइंस और कम्प्यूटेशनल तरीके” (Data Science and Computational Methods in Economic Research) विषय पर एक विशेष रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम 3 दिसंबर से 16 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा। विभिन्न विषयों के शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर यह रिफ्रेशर कोर्स एक बहु-विषयक (Inter-Disciplinary) दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें मुख्य रूप से सामाजिक विज्ञान (Social Science), वाणिज्य (Commerce), प्रबंधन (Management), विज्ञान (Science), इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी (Engineering and Technology) से जुड़े संकाय सदस्य (Faculty members) हिस्सा ले सकते हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह कोर्स केवल कार्यरत संकाय सदस्यों के लिए ही उपलब्ध होगा। कोर्स के मुख्य उद्देश्य और प्रशिक्षण इस 14 दिवसीय कार्यक्रम को शोध और पाठ्यक्रम के आधुनिक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को डेटा साइंस के मूलभूत सिद्धांतों (Data Science Fundamentals) से अवगत कराना है। इसके अतिरिक्त, इस प्रशिक्षण में एनालिटिकल तकनीक, पाठ्यक्रम डिजाइन (Curriculum Design) और डेटा विश्लेषण कौशल (Data Analysis Skills) पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रतिभागियों को आधुनिक सॉफ्टवेयर जैसे SPSS, STATA और R-Studio की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जो आज के समय में उच्च स्तरीय शोध के लिए बेहद जरूरी हैं। आयोजन समिति और पंजीकरण प्रक्रिया इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का निर्देशन एमएमटीटीसी (MMTTC) के डायरेक्टर प्रो. आलोक कुमार सिंह कुशवाहा और असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राघवेन्द्र सिंह ठाकुर कर रहे हैं। वहीं, कोर्स समन्वयक (Course Coordinator) की जिम्मेदारी अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार नागवंशी और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बी. श्रीनिवास निभा रहे हैं। आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि इसके लिए कोई भी पंजीकरण शुल्क (No Registration Fee) नहीं रखा गया है। आवेदन प्रक्रिया यूजीसी के एमएमसी पोर्टल (mmc.ugc.ac.in) के माध्यम से पूरी की जा सकती है। इसके लिए प्रतिभागियों को अपनी जानकारी भरने के साथ-साथ अपने संस्थान से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NoC Letter) अपलोड करना अनिवार्य होगा। वर्तमान दौर में आर्थिक अनुसंधान और डेटा साइंस का तालमेल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय की यह पहल शिक्षकों और शोधकर्ताओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी। ऑनलाइन माध्यम से होने के कारण देशभर के शिक्षक बिना किसी भौगोलिक बाधा के इस निशुल्क और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का लाभ उठा सकेंगे, जिससे अंततः भारतीय विश्वविद्यालयों में शोध की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 7-8 दिसंबर को IIM लखनऊ में 6वें वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान सम्मेलन (AIRC) का भव्य आयोजन