नई दिल्ली: लोकतंत्र में प्रेस की भूमिका केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार, प्रशासन और सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के कार्यों की निगरानी करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने Norms of Journalistic Conduct, 2022 यानी पत्रकारिता आचरण के मानदंड निर्धारित किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता में निष्पक्षता, जवाबदेही, सटीकता और नैतिकता को बनाए रखना है। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार, पत्रकारों को सार्वजनिक अधिकारियों और संस्थानों के कामकाज की समीक्षा तथा आलोचना करने का अधिकार है। हालांकि, यह स्वतंत्रता तथ्यों, प्रमाणों और जिम्मेदार पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। किसी भी अधिकारी के कार्यों या आचरण पर टिप्पणी करते समय पत्रकारों को व्यक्तिगत आरोपों के बजाय सत्यापित तथ्यों और विश्वसनीय साक्ष्यों को आधार बनाना चाहिए। सार्वजनिक अधिकारियों की आलोचना का अधिकार इन मानदंडों के तहत प्रेस को सार्वजनिक अधिकारियों के निर्णयों, नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की स्वतंत्रता है। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल अधिकारियों के बयानों को प्रकाशित करना नहीं, बल्कि उनके कार्यों का तथ्यात्मक विश्लेषण करना भी है। हालांकि, आलोचना करते समय पत्रकारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए भ्रामक, अपुष्ट या झूठी जानकारी प्रकाशित न हो। समाचारों में तथ्य और विचार के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए। राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी राष्ट्रीय हित, देश की सुरक्षा और संवेदनशील विषयों से जुड़ी खबरों के प्रकाशन में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में पत्रकारों को जानकारी की विश्वसनीयता, उसके स्रोत और संभावित प्रभावों की जांच करनी चाहिए। बिना पुष्टि के संवेदनशील सूचनाओं का प्रसारण पत्रकारिता के नैतिक मानदंडों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। खबरों के प्रकाशन से पहले तथ्य सत्यापन जरूरी प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पत्रकारिता मानदंडों में तथ्यात्मक शुद्धता और निष्पक्षता को विशेष महत्व दिया गया है। किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी जांच करना आवश्यक है। यदि किसी समाचार में किसी अधिकारी या संस्था के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, तो संबंधित पक्ष का दृष्टिकोण जानने का प्रयास भी जिम्मेदार पत्रकारिता का हिस्सा है। पत्रकारिता की स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही भी जरूरी इन दिशा-निर्देशों का मूल संदेश है कि मीडिया को अपनी स्वतंत्रता का उपयोग जनहित, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए करना चाहिए। पत्रकारों को न तो तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना चाहिए और न ही व्यक्तिगत दुर्भावना के आधार पर किसी के खिलाफ खबर प्रकाशित करनी चाहिए। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के Norms of Journalistic Conduct, 2022 पत्रकारों, संपादकों और मीडिया संस्थानों के लिए नैतिक पत्रकारिता का महत्वपूर्ण संदर्भ हैं। इनका पालन करने से मीडिया की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन LNMIIT जयपुर में फैकल्टी के पदों पर भर्ती ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी के 23 पदों पर भर्ती, असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर बनने का मौका, 25 नवंबर तक करें आवेदन