कश्मीर विश्वविद्यालय के मीडिया एजुकेशन रिसर्च सेंटर ने शोधार्थियों, शिक्षकों और मीडिया विशेषज्ञों से मांगे शोधपत्रों के सारांश

श्रीनगर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने मीडिया, संचार और पत्रकारिता के स्वरूप में व्यापक बदलाव किए हैं। इस बदलते दौर में मीडिया की भूमिका, सामाजिक प्रतिनिधित्व, हाशिए पर मौजूद समुदायों की आवाज और समावेशी संचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कश्मीर विश्वविद्यालय का मीडिया एजुकेशन रिसर्च सेंटर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। यह सम्मेलन 18 और 19 नवंबर 2026 को आयोजित होगा।

कश्मीर विश्वविद्यालय के मीडिया एजुकेशन रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का पोस्टर, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में उप-समाज की पुनर्कल्पना पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

सम्मेलन का मुख्य विषय ‘Reimagining the Subaltern in the Age of AI: Media, Representation and Inclusive Communication’ रखा गया है। इसके माध्यम से AI के दौर में समाज के वंचित, उपेक्षित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के मीडिया प्रतिनिधित्व तथा संचार में उनकी भागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

मीडिया एजुकेशन रिसर्च सेंटर की ओर से इस राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए शोध पत्रों के सारांश आमंत्रित किए गए हैं। इसमें मीडिया एवं पत्रकारिता के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, मीडिया पेशेवरों और संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत विशेषज्ञों को अपने शोध विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

सम्मेलन के प्रमुख उपविषय

सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इनमें एआई, शक्ति और वंचित वर्गों के बीच संबंध, मीडिया में प्रतिनिधित्व और एल्गोरिदमिक दृश्यता, नागरिक पत्रकारिता तथा जमीनी स्तर पर संचार की भूमिका प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त भाषा, संस्कृति और डिजिटल समावेशन, लैंगिक प्रतिनिधित्व, जाति, वर्ग, जातीयता तथा डिजिटल मीडिया में प्रतिनिधित्व जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

सम्मेलन के अन्य प्रमुख विषयों में AI के दौर में मीडिया की पहुंच, ग्रामीण और भौगोलिक रूप से हाशिए पर स्थित समुदायों की आवाज, शिक्षा, ज्ञान और डिजिटल विभाजन शामिल हैं। साथ ही नैतिकता, नीतिगत पहलुओं और एआई के समावेशी भविष्य पर भी अकादमिक विचार-विमर्श किया जाएगा।

9 नवंबर तक जमा होंगे शोध-पत्रों के सारांश

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक शोधार्थी और शिक्षक अपने शोधपत्रों के सारांश 9 नवंबर 2026 तक जमा कर सकते हैं। चयनित शोधपत्रों की सूचना 11 नवंबर 2026 को दी जाएगी।शोधपत्रों के सारांश निर्धारित ई-मेल पते nayeemshowkat@uok.edu.in पर भेजे जा सकते हैं।

पंजीकरण शुल्क निर्धारित

सम्मेलन में भागीदारी के लिए शोधार्थियों का पंजीकरण शुल्क 500 रुपये तथा शिक्षक और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिभागियों के लिए 1000 रुपये निर्धारित किया गया है।

सम्मेलन से संबंधित जानकारी के लिए प्रो. मलिक ज़हरा खालिद (9419071994) और डॉ. नईम शोक़त (9419053531) से संपर्क किया जा सकता है।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन मीडिया और संचार के क्षेत्र में कार्यरत अकादमिक समुदाय को एआई के प्रभावों का आलोचनात्मक विश्लेषण करने तथा डिजिटल युग में समावेशी और जिम्मेदार मीडिया व्यवस्था की संभावनाओं पर विचार साझा करने का मंच प्रदान करेगा।

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