विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शोध संस्थानों और सामाजिक विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं के लिए अवसर; 20 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन, नवीनतम प्रकाशित जर्नल की पांच प्रतियां डाक से भेजना भी अनिवार्य Oplus_131072 नई दिल्ली। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Social Science Research–ICSSR) ने देशभर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शोध संस्थानों, संगठनों और एसोसिएशनों से शोध पत्रिकाओं के संचालन एवं प्रकाशन के लिए वार्षिक तदर्थ अनुदान (Annual Adhoc Grant) हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत ICSSR की इस योजना का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में प्रकाशित होने वाली शोध पत्रिकाओं की गुणवत्ता में सुधार करना और उनके नियमित प्रकाशन को प्रोत्साहित करना है। परिषद ने 30 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। इच्छुक संस्थान और पात्र संगठन 20 नवंबर 2026 तक अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से शोध पत्रिकाओं के संपादन, प्रकाशन और संचालन से जुड़ी गतिविधियों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। एक जर्नल के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता ICSSR की निर्धारित योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार एक शोध पत्रिका के संचालन एवं प्रकाशन के लिए सामान्यतः अधिकतम 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक का अनुदान दिया जा सकता है। यदि कोई संस्था एक से अधिक शोध पत्रिकाओं का प्रकाशन करती है, तो सभी पत्रिकाओं के लिए संयुक्त अनुदान की अधिकतम सीमा 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है। व्यावसायिक प्रकाशक के माध्यम से प्रकाशित होने वाली पत्रिकाओं के मामले में संपादकीय एवं प्रसंस्करण लागत के लिए अलग सीमा निर्धारित है।अनुदान की वास्तविक राशि का निर्धारण संबंधित शोध पत्रिका की गुणवत्ता, प्रकाशन की नियमितता, सदस्यता, संपादकीय प्रक्रिया, शोध आलेखों की समीक्षा व्यवस्था और प्रकाशन व्यय जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा। परिषद का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान पत्रिकाओं की अकादमिक गुणवत्ता और विश्वसनीयता को भी बेहतर बनाना है। किन संस्थानों और पत्रिकाओं को मिलेगा अवसर? इस योजना के अंतर्गत सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत पेशेवर एसोसिएशन, संगठन, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और शोध संस्थान आवेदन कर सकते हैं। पात्रता के लिए शोध पत्रिकाओं में शोध आधारित सामग्री, उचित संदर्भ एवं उद्धरण तथा पेशेवर सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण है। ICSSR के दिशा-निर्देशों में शोध पत्रिका के कम से कम 50 सदस्य होने की शर्त भी दी गई है।परिषद सामाजिक विज्ञान की विभिन्न शाखाओं के साथ-साथ अंतर्विषयक (Interdisciplinary) शोध पत्रिकाओं को भी प्रोत्साहित करती है। क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित होने वाली शोध पत्रिकाओं और उनके अनुवाद को भी सहायता देने पर विचार किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के साथ भेजनी होगी हार्ड कॉपी ICSSR ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद आवेदकों को आवेदन पत्र की विधिवत भरी हुई हार्ड कॉपी, सभी आवश्यक सहायक दस्तावेजों और नवीनतम प्रकाशित शोध पत्रिका की पांच प्रतियों के साथ परिषद के कार्यालय में भेजना होगा।दस्तावेजों को प्रभारी, प्रकाशन एवं अनुसंधान सर्वेक्षण प्रभाग (Publication and Research Survey Division), भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, अरुणा आसफ अली रोड, जेएनयू संस्थागत क्षेत्र, नई दिल्ली-110067 के पते पर भेजना होगा।महत्वपूर्ण तिथियां और संपर्क- ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 30 अक्टूबर 2026- ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 20 नवंबर 2026- सामान्य जानकारी के लिए ईमेल: abpaliwal@icssr.org- तकनीकी सहायता: cc@icssr.org- आवेदन पोर्टल: https://app.icssr.org/- विस्तृत दिशा-निर्देश: https://www.icssr.org/journalsICSSR की यह पहल देश में गुणवत्तापूर्ण अकादमिक प्रकाशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है। विशेष रूप से उन विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शोध संस्थानों के लिए यह योजना उपयोगी हो सकती है, जो सामाजिक विज्ञान, मानविकी और अंतर्विषयक विषयों पर नियमित शोध पत्रिकाओं का प्रकाशन कर रहे हैं। इच्छुक संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पात्रता शर्तों और दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन शिक्षकों के लिए फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य, जींस-टीशर्ट पहनने पर रोक पत्रकारों के लिए सुनहरा मौका! गोवा में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की कवरेज का मौका, IFFI 2026 के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी