फिरोजाबाद। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिरसागंज, फिरोजाबाद में अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, संस्कृति विभाग,उत्तर प्रदेश एवं राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिरसागंज के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “भारतीय रामकाव्य: परम्परा, संस्कृति और वैश्विक परिप्रेक्ष्य” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री माननीय श्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि माननीय मंत्री श्री जयवीर सिंह जी ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन प्रेम, त्याग, समर्पण, मर्यादा और पारिवारिक संबंधों की गरिमा का अनुपम उदाहरण है। विशेष रूप से उनके जीवन से भाइयों के प्रति प्रेम, स्नेह, त्याग एवं आपसी सहयोग की प्रेरणा मिलती है। श्रीराम और उनके भाइयों के पारस्परिक संबंध भारतीय संस्कृति में पारिवारिक एकता एवं आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि रामकाव्य भारतीय साहित्य एवं संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो आज भी समाज को नैतिकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एफ.एस. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव भारद्वाज उपस्थित रहे। संगोष्ठी में डॉ. श्यामसुंदर सिंह चौहान एवं डॉ. आशुतोष द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता के रूप में वृंदावन शोध संस्थान, वृंदावन के अध्यक्ष डॉ. राजीव द्विवेदी ने भारतीय रामकाव्य की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक परम्पराओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त नवोदय विद्यालय के प्राचार्य अरविंद उपाध्याय तथा आर्य गुरुकुल महाविद्यालय के प्राचार्य सत्यकाम तोमर ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ कांति शर्मा जी ने मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ताओं का अंग बस्त पहना कर और स्मृति देकर सम्मानित किया कार्यक्रम का संचालन डॉ अभिषेक प्रकाश ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षाविदों एवं वक्ताओं ने रामकाव्य की वर्तमान सामाजिक एवं वैश्विक संदर्भों में उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। यह आयोजन साहित्य, संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ICSSR Doctoral Fellowship: अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, जॉइनिंग दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 30 अक्टूबर तक मिलेगा मौका पीएचडी प्रवेश के लिए विज्ञापन जारी, 16 नवंबर तक करें आवेदन